लक्ष्य और उद्देश्य

हमारे विश्वास और अमल का आधार है, हमारी संस्कृति के जीवन का स्तंभ है, हम उसी से लो लगाए जीते आए हैं और उसी पर मरते रहेंगे, उसका सिरा कुरान की अमृत आयात से मिलता है और लगातार तीस वर्ष तक सीरते रसूल की नहर के पानी से उसको सींचा गया है, आँ हज़रत ने ग़दीर की घोषणा और विलायत के महत्व और महानता के मद्देनजर उसे आने वाली पीढ़ियों में अधिक से अधिक फैलाने का विशेष आदेश दिया है।

ग़दीर की घटना

हम यहाँ सभी रिवायतों के पेशेनज़र ग़दीर की घटना का सारांश करते हैं (हालांकि यह अर्ज़ कर दिया जाए कि कुछ रिवायतों में यह घटना विस्तार और कुछ में संक्षेप में बयान हुई है, कुछ में घटना के एक पहलू और कुछ में किसी अन्य पहलू की ओर इशारा हुआ है, चुनांचे इन सभी रिवायतों का खुलासा यह है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के जीवन का अंतिम वर्ष था "अलविदाई हज" के समारोह जितने प्रतिष्ठित और सम्मानजनक हो सकते थे


हदीस

 
रसूले अकरम (स.अ.व.व): अव्वले वक्त मे नमाज़ पढ़ना खुशनूदीऐ खुदा और आखिरे वक्त मे नमाज़ पढ़ना बखशिशे खुदा है।
(मनला यहज़रोहुल फक़ीह जिल्द 1 पेज न. 217 हदीस न. 651)

हमारे काम

Ghadeer Camp 2016

Glimpse of Ghadeer camp organised by Shaoore Wilayat foundation lucknow branch

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Ghadeer Camp 2016

Glimpse of Ghadeer camp organised by Shaoore Wilayat foundation lucknow branch

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Ghadeer Camp 2016

Glimpse of Ghadeer camp organised by Shaoore Wilayat foundation lucknow branch

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Kids Section

Animated presentation of Ghadeer for kids by Shaoore Wilayat foundation

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Animated presentation of Ghadeer for kids by Shaoore Wilayat foundation

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